Spelling the word ‘parents’ with three letters, i.e ‘god’.

‘ अज्ञानी हूँ तेरे सामने पर इस बात से अंजान नहीं ,  दुनिया के रिवाज़ों का यूँ तो मैं ग़ुलाम नहीं ।   नत मस्तक है शीश मेरा, आज भी तेरे चरणों में,  ऋण तेरा[…]

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AZAAD. Let your self free.

‘ कुछ जवाब ऐसे भी जिनकी तुझे तलाश है,   कुछ सवाल ऐसे भी जिन्हें सुनके तू निराश है,   कुछ मंज़िलें ऐसी भी जिन्हें पाना तेरे लिए खास है   कुछ रास्ते ऐसे भी[…]

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Human, most wonderful creation of god.

‘ क्या सोचता मनुष्य तू, क्या देखता दृश्य है , कर्मों की लकीरों से बदलना है जो, वही तेरा भविष्य है ।   क्यों ढूंढ रहा चमकने को अब एक नया मुकाम तू, कर रोशन[…]

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Is Diwali soch ke deep jalaye.

‘ आज की इस तस्वीर के स्याही अंदाज़ बदलने चाहिए, कुदरत के प्रति इंसान के जज़्बात बदलने चाहिए,   जलाएंगे दिए इस दीपावली हम समाज के हर उस कोने में, जहाँ जहाँ रूढ़िवादी अंधकारमय हालात[…]

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Life, death and life.

  ‘ बीत जाता है हर लम्हा , वक़्त ये थमता नहीं , मौत आती है लेने जब , ज़ोर फिर चलता नहीं , पुकारो तो लौट भी आये जाने वाला मगर , देख सत्य[…]

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