Darkness ? Or a chance for reincarnation?

दरख्तों के बाक़ी इन निशानों से झांकती ये ज़िन्दगी , शब्-ऐ -ग़म  के अंधेरों को काटती ये ज़िन्दगी ,   नज़रें उठा के देखो तो उस पार, मिलेगी बाँहें फैलाए तुम पर मुस्कुराने को तैयार[…]

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Who am i ?

मैं क्या हूँ ? सच हूँ या किसी शायर की कल्पना हूँ , गहरी इन रातों में ना जाने कितने ख्वाब मैं जी रहा हूँ , सच हैं ये अँधेरे जिनसे मैं घिरा हूँ ,[…]

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My country, my responsibility & my pride.

देश की एक पुकार पर दौड़े चले आएँगे, सबसे पहले तेरा हक़,हम अदा कर के जाएँगे,   समाज के नुमाइंदों से और उन धर्म के ठेकेदारों से , भ्रष्ट नेताओं से और उन आतंक के[…]

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