Parents , a world within the world.

दरिया की सतह जैसी ये मूरत नजाने कितने गहरे राज़ छुपाये बैठी है ,   हम तो केवल गरजते बादल हैं , नजाने ये कितने लोगो पर ममता की बरसात कराये बैठी है । The[…]

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Parents. God with whom i lived.

” उसने रचा इस सृष्टि को लेकिन, तुमने मुझे वजूद दिया ,   उसको तो बस पूजा सबने, मैंने तुमको अपना खुदा किया।   बोहोत सुने तेरे चमतकार सबने, मैंने सिर्फ उनको चलते देखा,  […]

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When our turbulent soul needs his calm touch.

” अनकहे मेरी सुन के अरदास, अपने द्वार बुलाता है , मुरली मनोहर किशन कन्हैया कितने नामो से जाना तू जाता है । तेरे आने से ज़मीन भी खुल के गाती है , आस्मां महकता[…]

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