My country, my responsibility & my pride.

देश की एक पुकार पर दौड़े चले आएँगे, सबसे पहले तेरा हक़,हम अदा कर के जाएँगे,   समाज के नुमाइंदों से और उन धर्म के ठेकेदारों से , भ्रष्ट नेताओं से और उन आतंक के[…]

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Either i will win or learn.

जीत का जश्न ना सही हार का शोक मनाएँगे, इस जीवन में एक बार तो हम सब आजमाएँगे,   बहुत दिन गुज़र लिए हमने उन अंधेरों में, इस सुबह से पहले तो सूरज हम ढूँढ[…]

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Spelling the word ‘parents’ with three letters, i.e ‘god’.

‘ अज्ञानी हूँ तेरे सामने पर इस बात से अंजान नहीं ,  दुनिया के रिवाज़ों का यूँ तो मैं ग़ुलाम नहीं ।   नत मस्तक है शीश मेरा, आज भी तेरे चरणों में,  ऋण तेरा[…]

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Parivartan. The much needed change.

‘ क्यों दिल में सौ सवाल हैं , क्यों चेहरे पे ये मलाल है , तेरे खिलाफ नहीं वो, तेरे इरादों से अंजान हैं , उनका अपरिचित होना ही उनकी अज्ञानता की पहचान है ।[…]

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