Either i will win or learn.

जीत का जश्न ना सही हार का शोक मनाएँगे,

इस जीवन में एक बार तो हम सब आजमाएँगे,

 

बहुत दिन गुज़र लिए हमने उन अंधेरों में,

इस सुबह से पहले तो सूरज हम ढूँढ ही लाएँगे,

 

जीत की अहमियत समझ चुके हम हार कर,

अब हार का मज़ा जीत कर दूसरों को चखाएँगे,

 

दोष देते हैं ना जाने किस्मत को क्यों सभी,

कर्मों पे अपने दाँव लगाना भी सबको अब हम सिखलाएँगे,

 

गुज़रेगा समय, लिखने को कल और भी आएँगे,

फिर याद करोगे तुम, पर तुमको नज़र ना आएँगे,

हर उस शब्द में मिलेंगें हम, हर उस पंक्ति में बस जाएँगे,

अब लगता है शायद हम मर कर भी जी उठ जाएँगे,

 

इस जीवन में एक बार तो हम सब कुछ आजमाएँगे ।

 

Life is meant for experiencing every contrasting phase like day and night, like happiness and sorrow, like being selfless and selfish, similarly if we win we are ought to lose a few times, if we lose we are ought to win as few times as well. All that matters is that whether we leave and quit after a loss or we stay there and fight for the next competition in a even better, even stronger way.

LetsWorkForABetterVersionOfSelf

IWillTry

Either i will win or Learn

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