Parents. The only saviour

शुक्र तेरा करना भी चाहूँ, तो अलफ़ाज़ अधूरे रहते है,

मिलके भले मौन रहें , तनहाई में खुद से ये कहते हैं,

अपना मान जो कर्म किया, उसको ऋण मैं बताऊं कैसे ?,

पुण्य दान और धर्म दिया, उसके क़ाबिल बन जाऊँ कैसे ?,

नाम मिला, प्रणाम मिला, दुनिया से पैग़ाम मिला,

तेरा वज़ूद होना, मनो सबसे बड़ा ईनाम मिला,

बचपन में मेरी ख़ातिर, तूने खुद के मन को मारा है,

जीवन के हर मोड़ पर मुझे तूने ही संवारा है,

वो और होंगे, जो अपने बच्चों के सहारे जीते हैं,

आज भी मुझे तो बस एक तेरा ही सहारा है,

कविता नहीं, ये शब्द ज़ुबान ए दिल कहते हैं,

मिलके भले मौन रहें , तनहाई में खुद से ये कहते हैं,

शुक्र तेरा करना भी चाहूँ, तो अलफ़ाज़ अधूरे रहते है, ये अलफ़ाज़ अधूरे रहते है।

There are moments when i cry feeling the need to tell my mom dad how badly and madly i love them and how much thankful i am to them for always being there without saying or asking for anything and supporting me in my craziest of ideas. Without their trust and belief it wouldn’t have been possible for me to be what i am today

1 thought on “Parents. The only saviour

  1. Bahut hi sunder beta ji. Ishwer ne aap jaisa beta dekar hame s. Bhagwan bnaya hai usaka lakh lakh shukar karte hai aap dirghau ho duniya ki har khushi aapko mile is mai hi hamari khushi hai God bless you. Hame Garv hai ki aap hamare bachche ho

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